क्या आप जीवन में सफल होना चाहते हैं-मोटिवेशनल आलेख

आपकी सोच पर आपका जीवन निर्भर करता है
                 जीवन में सफलता हासिल करने के लिए आपकी सोच अच्छी होनी चाहिए। हम जिस तरह सोचते हैं हमारा जीवन भी उसी तरह चलने लगता है।हमें हमेशा सकारात्मक सोच रखनी चाहिए।सकारात्मक सोच वाले ही जीवन में सफल होते हैं यदि आपकी सोच नकारात्मक होगी तो आप धीरे - धीर अवसाद से ग्रसित हो जाएंगे और जीवन में सफल नही हो पाएंगे। बालावस्था में ही बालक की सोच देखी जाती है एक जब वह कहता है मैं एक डॉक्टर बनूँगा या कहता है मैं बड़ा होकर इंजीनियर बनूंगा उस समय उसका परिवार उस बालक की सराहना करता है और उसकी सोच के अनुसार उसका परिवार उसकी शिक्षा पर ध्यान देने लगता है किंतु हमारी सोच भी उम्र के साथ साथ बदलती रहती है। किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए पहले सोचना पड़ता है चाहे वह काम सही हो या गलत। आपके जीवन का लक्ष्य आपकी सोच पर ही निर्भर करता है । व्यक्ति कितने भी कठिनाई में क्यों न हो उसे हमेशा सकारात्मक ही सोचना चाहिए। आपकी सही सोच ही आपको आपकी कठिनाई से निकालेगा।“हमेशा जीत और हार आपकी सोच पर निर्भर करती है, मान लो तो हार होगी, ठान लो तो जीत होगी ! जब हम किसी व्यक्ति के अवगुण के बारे में सोचते हैं तो उस व्यक्ति की अच्छाई हमें दिखाई नहीं देती है।आप चाहें तो स्वयं किसी व्यक्ति के बारे में ऐसा सोच कर देख सकते हैं।आप देखेंगे कि कल तक जिस व्यक्ति के बारे में आप गलत सोचते थे उस व्यक्ति से आपको नफरत थी लेकिन जैसे ही आप उस व्यक्ति के बारे में अच्छा सोचने लगेंगे उस व्यक्ति में आपको केवल अच्छाई ही नजर आएगी।रही बात सफलता और असफलता की तो ये सबकुछ हमारी सोच पर निर्भर करता है।हम जो भी कार्य करना चाहते हैं और उसी के बारे में सोचने लगते हैं तो उससे जुड़े हुए व्यक्ति हमें मिलने लगते हैं और हमारा कार्य आसानी से सफल हो जाता है या हमारी सफलता में वैसे व्यक्ति अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने लगते है।आइये इसे एक कहानी के माध्यम से समझने की कोशिश करते हैं- एक बहुत ही गरीब लड़का था।वह हमेशा सोचता था कि एक दिन वह अमीर आदमी बनेगा।खाने के लिए भोजन नहीं रहता था फिर भी कभी दुखी नहीं होता था बल्कि बाहर में वह ऐसे दिखावा करता था जैसे कि वह खूब अच्छा अच्छा भोजन करके आया है।दुःख में भी मुस्कुराता रहता था।छोटी सी दुकान से अपना व्यवसाय शुरू किया लेकिन सफलता नहीं मिली।फिर भी वह अमीर बनने के बारे में सोचता रहा।एक दिन उसकी नजर अखबार के विज्ञापन पर पड़ी।विज्ञापन था 'कौन बनेगा करोड़पति'।अब वह लड़का केबीसी के बारे में जानकारी प्राप्त करने लगा उससे संबंधित तैयारी करने लगा।जी जान लगा कर पढ़ने लगा।केबीसी में जाने के लिए कई बार प्रयास किया किंतु नहीं जा सका फिर भी वह निराश नहीं हुआ बल्कि उससे भी ज्यादा मेहनत करने लगा।फिर एक बार उसे केबीसी में जाने का अवसर मिला।जब हॉट सीट पर बैठा तो एक करोड़ रुपये जीत कर ही आया। इसलिए कहा जाता है कि हमारी सोच और हमारे इरादा पर ही हमारा जीवन निर्भर करता है।'जैसी सोच वैसी बरक़त'।
        अमीर हमज़ा

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

Thanks for supporting lovebihar

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सफलता का रहस्य-सोचिए आपको क्या करना है क्यों करना है कैसे करना है- मोटिवेशनल आलेख

कलाकार के दुखद अंत की तंग वीथिका से...…

भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प के पीछे की कहानी