हास्य व्यंग्य

हास्य व्यंग्य

उसके  प्रेम   का  जब  से  पुजारी  हो  गया
पहले था  आदमी  अब  बैलगाड़ी  हो  गया
करता था उसका पूरा जो भी डिमांड होता था
इतना  कराया  खर्च  कि  भिखारी  हो  गया।।
         अमीर हमज़ा

टिप्पणियाँ