संदेश

सिमट गई है नूर की चादर

चित्र
सिमट गई है नूर की चादर जाने कैसी घड़ी है आई सांसे उखड़ रही है जैसे ढूंढ रही अपनी परछाईं कोना कोना है अब सूना बूंद बूंद जीवन है सहमा अपनों में है घुली ये दहशत भारी विपदा है यह भाई ढके ,छुपे न मिले किसी से सभी कहे यही बात सभी से अंदर चीख रही खामोशी सांसों की यही डोर बताई सूरज,चांद सब एक हो गए आस के दीपक कहां खो गए? अब तो उन चौखट पे ताले दीख रही है बस तन्हाई पल पल समय रेत हुआ है पानी में तिनका डूबा है आफत में है जान यहां पर कब होगी कोरोना की विदाई टूट गए सांसों के सरगम बिखरे पुष्पगंध,बीते बसंत दिक दिगंत में है भय अनंत चहुं ओर चीख रही तरुनाई सांझ ओढ़ दिन ढल जाता है श्याम सा चादर खल जाता है रात में गिरती है जब बिजली धुंध में खो जाती शहनाई किसके नाम करूं मै क्या? किसकी गलती पर कहूं मै क्या? कैसा विकट प्रलय दृश्य यह जाने कैसी मुश्किल घड़ी आई ________________ अंकेश कुमार संक्षिप्त परिचय - अंकेश कुमार एम. एस सी.,एम.ए.,बी.एड. (पटना विश्वविद्यालय)   प्रधानाध्यापक  गवर्नमेंट स्कूल (लोहियानगर),कंकरबाग पटना(बिहार) रचना : पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशि...

50:30:20 का फार्मूला बहुत बड़ा बदलाव ला सकता है

चित्र
50:30:20 का फार्मूला आपके जीवन  में बहुत बड़ा बदलाव ला सकता है         हम अक्सर भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं कि हमारा भविष्य उज्ज्वल कैसे होगा, भविष्य में हमारा जीवन सुखी व सम्पन्न कैसे होगा इसके लिए प्रयास बहुत कम ही कर पाते हैं।जो लोग इसके प्रति सजग होते हैं तथा प्रयासरत रहते हैं सच में उनका आने वाला कल बेहतर होता है।हम पैसे बहुत कमाते हैं खर्च भी खुलकर करते हैं।अपने परिवार के एक एक सदस्य का खास ख्याल रखते हैं उन्हें किसी भी चीज की कमी नहीं होने देते हैं।         जब मैं एम० ए० में पढ़ रहा था तो उस समय पढ़ाया गया था कि 'one paisa save means one paisa earn' अर्थात एक पैसा बचाने का अर्थ है एक पैसा कमाना।हम कितना कमाते हैं ये महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि हम कितना बचा पाते हैं ये महत्वपूर्ण है।कोई व्यक्ति लाखों रुपये महीने का कमाने के बावजूद जब वक्त पड़ता है तो उसे दूसरे से पैसा लेना पड़ता है या फिर लोन लेना पड़ता है वहीं दूसरी तरफ एक दूसरा आदमी कम पैसा कमाने के बावजूद भविष्य के लिए पैसा बचा कर रख लेता है ताकि वक्त आने पर किसी के सामने हाथ फैलाने की जरू...

यह मुजफ्फरपुर की सबसे बड़ी समस्या है

चित्र
मुजफ्फरपुर शहर की यह सबसे बड़ी समस्या है              मुज़फ़्फ़रपुर नगर निगम के  वार्ड नम्बर 8 के हमजा कॉलनी के रोड नम्बर 2 की गली में जब से बारिस शुरू हुई  है तब से लगातार इस गली में जल जमाव होने के कारण  लोगों का जीना व घर से निकलना दुश्वार हो गया हैं । इस जलजमाव की समस्या पर वार्ड पार्षद को कोई फिक्र नहीं हैं ।इसी गली किसी महाशय की कुछ जमीन वर्षों से खाली पड़ी है खाली होने के कारण इस गली मोहल्ले के लोग वहीँ पर कचरा डाल देते हैं ।  कचरा का समय समय पर नगर निगम द्वारा  उठाव न होने के कारण वहा पर फेंका हुआ कचरा बारिश के कारण बहुत ही बदबू देने लगता है जिसके कारण बीमारी फैलने का डर लोगों को सताने लगा है।             जलजमाव की समस्या पूरे मुजफ्फरपुर शहर की सबसे बड़ी समस्या है।इस ओर किसी भी जन प्रतिनिधि का ध्यान नहीं जाता है।बरसात के समय में कुछ सामाजिक कार्यकर्ता हो हल्ला मचाते हैं उसके बाद धीरे धीरे मामला शांत हो जाता है।बरसात खत्म होते ही लोग इतनी बड़ी समस्या को भूल जाते हैं।मुजफ्फरपुर का हृदय कहा जाने...

जानिए अब तक कितने एक्टर एक्ट्रेस सुसाइड कर चुके हैं

चित्र
     आइये जानते हैं अब तक कितने एक्टर एक्ट्रेस ने सुसाइड किया है               14 जून 2020 को बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के आत्महत्या की खबर मिलते ही बॉलीवुड सहित सभी फैंस के पांव तले जमीन खिसक गई।किसी को भी यकीन नहीं हो रहा था कि सुशांत जैसा व्यक्ति इस तरह का कदम उठाएगा।जो व्यक्ति 'छिछोड़े' फ़िल्म में बाप के किरदार में बेटा को समझाता  है कि आत्महत्या नहीं करना चाहिए वही व्यक्ति असल जिंदगी में सुसाइड कर लेता है।                  आइये जानते हैं अब तक कितने एक्टर एक्ट्रेस ने आत्महत्या कर लिया है:-                   विजया लक्ष्मी:-सिल्क स्मिता के नाम से मशहूर दक्षिण भारतीय अभिनेत्री विजया लक्ष्मी वडलापति ने 23 सितम्बर 1996 को अपने घर में आत्महत्या कर ली थी।इन्होंने विभिन्न भाषाओं में लगभग 450 से अधिक फिल्मों में काम किया था।         कुलजीत रंधावा:-आहट, सरहदें,रिश्ते,कुमकुम:एक प्यारा सा बंधन जैसे सफल सीरियल का हिस्सा ...

कलाकार के दुखद अंत की तंग वीथिका से...…

चित्र
 कलाकार के पीड़ा को महसूस करना होगा हम कलाकारों की दुनिया में एक दूसरे के कार्यों को मुक्त कंठ से प्रशंसा करना कुछ हिचक रखने जैसा है। आपके काम की अनदेखी,पुरस्कार में विसंगति, काम मिलने में भेदभाव ,कार्यक्रम प्रस्तुति के माध्यम,मानदेय,प्रचार इन सब बातों का बड़ा फर्क पड़ता है।मतलब हर पड़ाव पर तनाव।कुछ देने वाले,कुछ लेने वाले। वो क्या है कि ये काम सबसे होना भी संभव नहीं है। आदमी आदमी में फर्क होता है और ये उसकी अपनी अपनी प्रकृति ही तो है जो उसे अलग अलग सीमाओं में बांधे रखता है। मेरा मानना है कि अगर व्यक्ति में ये सीमाएं न हो तो उसका विस्तार अनंत तक जाता है फिर वो समय की गति से परे हो जाता है। और इतना होना ही किंचित बहुत कठिन है मित्र।इसलिए वो लघु रूप में ही जीता है ।विरले होते है जो अवसर को अपने वृहत से वृहत्तर रूपों की रचना करते है।      ______अंकेश कुमार💝

भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प के पीछे की कहानी

चित्र
भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प के मुख्य पांच कारण दिल्ली भारत और चीन तनाव के बीच लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (LAC) पर दोनों पक्षों में झड़प के बीच भारतीय दल से एक अफसर और दो जवानों के शहीद हो गए हैं. वहीं, भारतीय सेना का दावा है कि चीन के भी 5 सैनिक मारे गए हैं. तब यह घटना हुई है जब दोनों देशों के बीच सुलह का प्रयास चल रहा है. एलएसी पर भारत-चीन सैनिकों के बीच चल रही तनाव को लेकर ये हैं पांच बड़ी खबरें.. चीनी सैनिक पीछे हटे या नहीं, यह देखने गए थे न्यूज नेशन से मिली जानकारी के अनुसार, 16 बिहार रेजीमेंट पेट्रोल प्‍वाइंट नंबर 14 पर यह देखने गया था कि बातचीत के मुताबिक चीनी सैनिक कितने पीछे हटे और क्या वे 5 किलोमीटर पीछे पोस्ट वन तक जा चुके हैं. इसी बीच पीएलए के सैनिक वहां पहुंच गए और अचानक हमला बोल दिया. उस वक्त पेट्रोल प्‍वाइंट 14 पर इंडियन आर्मी के CO तकरीबन 10 सैनिकों के साथ मौजूद थे. अचानक हमला होने से भारतीय जवान हतप्रभ रह गए. बताया जा रहा है कि चीनी सैनिक हाथ में रॉड लिए थे और पत्थरों से हमला बोल रहे थे.  लद्दाख में भारत की इन तैयारी से बौखलाया हुआ है चीन, ये हैं बड़ी वजहें ...

निःशब्द-एक मार्मिक कविता

चित्र
निशब्द. दूसरे को कष्ट ,भय असुरक्षा देता है जो आदमी  तभी कहता हूं आदमी में जन्म लेनेवाला नही होता है आदमी  जितने कष्ट,भयंकर कहर बन जिस पर भी टूट पड़ेगा आदमी  कहना न होगा उस पीड़ा से खुद भी गुजरेगा आदमी  देख अट्टहास कर रही प्रकृति तुझ पर  तेरे लिए बंद पड़ी है प्रार्थनाएं  ले रही प्रकृति तुझसे तेरा हिसाब  जितने जाने ,अनजाने, जुबा,बेजुबाँ को  दी है तुमने यातनाएं. काल की गति कभी नही चलती बेहिसाब कुदरती न्याय है इतना नायाब मुश्किल घड़ी अब तुम्हारी है  जिदगी तुम पर भारी है  सूरज जलाएगा तुझको  पानी डुबोयेगा तुझको  ठंढ में ठिठरोगे तुम  यहीं इस धरती पर बिखरोगे तुम _____________अंकेश कुमार

अनुभूति

चित्र
अनुभूति यहां क्षण क्षण अंधे होते हैं। पल भर में आंखें खुलती है। पीड़ा का दाब व ताप अकल, आहें भी जी सुलगाती हैं। किसका औचित्य? है कौन उचित? पग पग यह प्रश्न उभरता है। जानते हैं सच सभी, पर क्या वो सच कह देते हैं विकल प्राण की मनुज ठान पत्थर पर सब सह लेते हैं। पत्थर पर सब सह लेते हैं।     ___________अंकेश कुमार     

सफलता का रहस्य-सोचिए आपको क्या करना है क्यों करना है कैसे करना है- मोटिवेशनल आलेख

चित्र
मोटिवेशन सोचिए आपको क्या करना है क्यों करना है कैसे करना है            जीवन में हम सभी आगे बढ़ना चाहते हैं कुछ करना चाहते हैं।अपने लक्ष्य की प्राप्ति करना चाहते हैं।धन दौलत नाम शोहरत प्राप्त करना चाहते हैं किंतु इन सब की प्राप्ति के लिए हम कितना तैयार हैं?यह भी सोचना चाहिए। हम अक्सर दूसरे की नकल करने में जिंदगी का बहुमूल्य समय गंवा देते हैं।पिता अपने पुत्र से अपनी इच्छा की पूर्ति करवाना चाहता है जिससे पुत्र अपने इच्छानुसार कार्य नहीं कर पाता है । ऐसा पुत्र जिंदगीभर अपने काम से संतुष्ट नहीं हो पाता है।इसलिए किसी भी व्यक्ति को अपने पुत्र को पूरी आज़ादी देनी चाहिए ताकि वह अपने अनुसार अपने कार्य क्षेत्र का चुनाव कर सके।            हर व्यक्ति की इच्छा होती है कि वह सलमान खान, अमिताभ बच्चन, आलिया भट्ट, सानिया मिर्ज़ा, विराट कोहली, अनिल अम्बानी,अब्दुल कलाम,ए आर रहमान, इंदिरा गांधी,नरेंद्र मोदी आदि जैसा बन जाए।किंतु ये सब बनना इतना आसान है क्या?अगर ये सब बनना इतना आसान नहीं है तो कठिन भी नहीं है क्योंकि हर व्यक्ति को अपने क्षमता ...

वो बचपन की यादें

चित्र
वो बचपन की यादें सताती बहुत है  रुलाती बहुत है, हँसाती बहुत है, कभी रूठ जाना कभी मान जाना  वो झूठे नखरे वो झूठा बहाना, सताती बहुत है,रुलाती बहुत है,,,,, पकड़ माँ की उँगली वो आँगन में चलना  दादी का चश्मा पहन कर मचलना वो दादा की कांधे की प्यारी सवारी  वो मिट्टी की महले वो लकड़ी की गाड़ी ।।   सताती बहुत है,रुलाती बहुत है,,,,, सज-धज के हर रोज स्कूल जाना  तोतलाते स्वर में कविता सुनाना छुट्टी में बागो से अमरूद चुराना पकड़े गये तो फिर से बहाना।। सताती बहुत है,रुलाती बहुत है,,,,, कभी नीम बरगद पे झूले लगाना कभी मिट्टीयों से खिलौने बनाना  कभी ईट पत्थर से महले बनाना कभी कागजो से वो कश्ती बनाना  सताती बहुत है,रुलाती बहुत है,,,,,               सरफराज अहमद  (हिंदुस्तानी)

हास्य व्यंग्य

चित्र
हास्य व्यंग्य उसके  प्रेम   का  जब  से  पुजारी  हो  गया पहले था  आदमी  अब  बैलगाड़ी  हो  गया करता था उसका पूरा जो भी डिमांड होता था इतना  कराया  खर्च  कि  भिखारी  हो  गया।।          अमीर हमज़ा

क्या आप जीवन में सफल होना चाहते हैं-मोटिवेशनल आलेख

चित्र
आपकी सोच पर आपका जीवन निर्भर करता है                  जीवन में सफलता हासिल करने के लिए आपकी सोच अच्छी होनी चाहिए। हम जिस तरह सोचते हैं हमारा जीवन भी उसी तरह चलने लगता है।हमें हमेशा सकारात्मक सोच रखनी चाहिए।सकारात्मक सोच वाले ही जीवन में सफल होते हैं यदि आपकी सोच नकारात्मक होगी तो आप धीरे - धीर अवसाद से ग्रसित हो जाएंगे और जीवन में सफल नही हो पाएंगे। बालावस्था में ही बालक की सोच देखी जाती है एक जब वह कहता है मैं एक डॉक्टर बनूँगा या कहता है मैं बड़ा होकर इंजीनियर बनूंगा उस समय उसका परिवार उस बालक की सराहना करता है और उसकी सोच के अनुसार उसका परिवार उसकी शिक्षा पर ध्यान देने लगता है किंतु हमारी सोच भी उम्र के साथ साथ बदलती रहती है। किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए पहले सोचना पड़ता है चाहे वह काम सही हो या गलत। आपके जीवन का लक्ष्य आपकी सोच पर ही निर्भर करता है । व्यक्ति कितने भी कठिनाई में क्यों न हो उसे हमेशा सकारात्मक ही सोचना चाहिए। आपकी सही सोच ही आपको आपकी कठिनाई से निकालेगा।“हमेशा जीत और हार आपकी सोच पर निर्भर करती है, मान लो तो हार होगी, ठा...
2020 बिहार विधानसभा का चुनाव होगा सबसे अलग